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कांजी वड़ा एक पारंपरिक भारतीय व्यंजन है, जिसे अक्सर होली जैसे त्योहारों पर बनाया जाता है। यह रेसिपी खट्टे और मसालेदार स्वादों का अद्भुत मेल है, जिसमें नरम और कुरकुरे मूंग दाल के वड़े सरसों के स्वाद से भरे पानी में डूबे होते हैं। यह व्यंजन परिवारिक मिलन और उत्सवों की यादें ताजा कर देता है। स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों के लिए आप मेरे यूट्यूब चैनल, त्रिप्ती होम किचन, पर विस्तृत रेसिपी देख सकते हैं।
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पीली सरसों, राई, अजवाइन, हींग, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर और नमक को पीस लें।
पानी को उबालें और ठंडा होने दें। ठंडे पानी में पिसे हुए मसाले डालें।
मिश्रण में सरसों का तेल डालें और अच्छी तरह मिलाएं। कंटेनर को ढककर दो दिन तक धूप में रखें ताकि यह खमीर उठ सके।
मूंग दाल को 2 घंटे के लिए भिगो दें, फिर पानी निकालकर इसे चिकना पेस्ट बना लें।
मूंग दाल के पेस्ट में दरदरे सौंफ के दाने, दरदरे धनिया के दाने, लाल मिर्च पाउडर, दरदरी हरी मिर्च और अदरक, कटी हुई धनिया पत्ती, सरसों का तेल, हींग, गेहूं का आटा और नमक डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिलाएं।
एक पैन में सरसों का तेल गरम करें। अपने हाथों को पानी से गीला करें, मिश्रण का एक छोटा हिस्सा लें, वड़ा आकार दें और गरम तेल में सुनहरा भूरा होने तक तलें।
कांजी को दो दिन तक खमीर उठने के बाद, तले हुए वड़े तैयार कांजी में डालें।
वड़ों को कांजी में कम से कम आधे घंटे तक भिगोने दें, फिर परोसें।
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कांजी के लिए इस्तेमाल किया गया पानी पूरी तरह ठंडा हो, ताकि खमीर प्रक्रिया पर असर न पड़े।
वड़ों को मध्यम आंच पर तलें ताकि वे समान रूप से पकें और बिना जले कुरकुरे बनें।
वड़ों को कांजी में पर्याप्त समय तक भिगोने दें ताकि वे पूरी तरह से स्वाद सोख लें।
क्या वड़ों के लिए किसी और दाल का उपयोग किया जा सकता है?
इस रेसिपी में पारंपरिक रूप से मूंग दाल का उपयोग किया जाता है, लेकिन आप अन्य दालों जैसे उड़द दाल के साथ प्रयोग कर सकते हैं। हालांकि, बनावट और स्वाद अलग हो सकते हैं।
कांजी को कितने समय तक खमीर उठने देना चाहिए?
कांजी को आदर्श रूप से दो दिन तक धूप में खमीर उठने देना चाहिए ताकि इसका खट्टा स्वाद विकसित हो सके।
क्या बची हुई कांजी वड़ा को स्टोर किया जा सकता है?
हां, आप कांजी वड़ा को 2-3 दिनों तक फ्रिज में एयरटाइट कंटेनर में स्टोर कर सकते हैं।
क्या वड़ों को पहले से तैयार किया जा सकता है?
हां, आप वड़ों को पहले से तैयार और तल सकते हैं। इन्हें एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें और परोसने से पहले कांजी में डालें।
क्या सरसों का तेल उपयोग करना आवश्यक है?
सरसों का तेल पारंपरिक रूप से इसके विशिष्ट स्वाद के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन आप इसे किसी अन्य तेल से बदल सकते हैं। हालांकि, स्वाद थोड़ा अलग हो सकता है।

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