एक स्वादिष्ट और प्रामाणिक पिंडी छोले रेसिपी, जिसे भटूरे, नान या कुलचे के साथ परोसा जा सकता है।
काबुली चनों को रातभर लोहे की कढ़ाई में भिगोकर रखें ताकि उनका रंग गहरा हो सके।
सुबह चनों को छानकर धो लें और कुकर में डालें।
नमक और मसालों की पोटली डालें जिसमें काली मिर्च, लौंग, काली इलायची, चाय पत्ती की पोटली, सूखा आंवला, दालचीनी का टुकड़ा और तेज पत्ते हों।
3-4 सीटी तक प्रेशर कुक करें।
धनिया के बीज, शाह जीरा, सौंफ, दालचीनी का टुकड़ा, काली इलायची, हरी इलायची, जावित्री, तेज पत्ते, सूखी लाल मिर्च, कसूरी मेथी और हींग को सूखा भून लें।
भुने हुए मसालों को पीसकर चना मसाला तैयार करें।
छोले चेक करें; वे नरम होने चाहिए लेकिन गले नहीं। पानी छानकर अलग रख लें।
छोले से मसालों की पोटली और तेज पत्ते हटा दें।
काला नमक, लाल मिर्च पाउडर, चना मसाला, धनिया पाउडर, अनारदाना पाउडर और अमचूर पाउडर डालें। मिलाकर 10 मिनट के लिए अलग रखें।
लोहे की कढ़ाई में छोले, चीरी हुई हरी मिर्च, कटे हुए टमाटर, अदरक के लच्छे और छोले का पानी डालें।
मध्यम आंच पर 2 से 4 मिनट तक पकाएं।
प्याज के गोल टुकड़े डालें।
देसी घी गरम करें और उसमें अजवाइन डालकर तड़का बनाएं।
तड़का छोले पर डालें और ताजा धनिया पत्ती से सजाएं।
इसे अपनी पसंद की रोटी के साथ गरमागरम परोसें।
काबुली चनों को लोहे की कढ़ाई में भिगोने से उनका रंग गहरा होता है।
छोले नरम लेकिन गले नहीं होने चाहिए ताकि उनका सही टेक्सचर बना रहे।
पिंडी छोले को सही टेक्सचर में कैसे पकाएं?
पिंडी छोले का सही टेक्सचर पाने के लिए काबुली चनों को रातभर लोहे की कढ़ाई में भिगोएं ताकि उनका रंग गहरा हो। भिगोने के बाद, उन्हें 3-4 सीटी तक प्रेशर कुक करें ताकि वे नरम लेकिन गले नहीं हों। इससे छोले मसालों का स्वाद अच्छे से सोखते हैं।
पिंडी छोले के लिए कौन-कौन से आहार विकल्प हैं?
पिंडी छोले स्वाभाविक रूप से शाकाहारी और ग्लूटन-फ्री होते हैं, जो इसे प्लांट-बेस्ड या ग्लूटन-फ्री डाइट का पालन करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं। इसे भटूरे, नान या कुलचे के साथ परोसा जा सकता है, जिन्हें जरूरत पड़ने पर ग्लूटन-फ्री बनाया जा सकता है।
क्या पिंडी छोले की रेसिपी में किसी सामग्री को बदला जा सकता है?
हाँ, आप पिंडी छोले की रेसिपी में कुछ सामग्री बदल सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास काला नमक नहीं है, तो साधारण नमक का उपयोग कर सकते हैं। अगर चना मसाला उपलब्ध नहीं है, तो जीरा, धनिया और गरम मसाला का मिश्रण बना सकते हैं। अगर आप हल्का स्वाद पसंद करते हैं, तो हरी और लाल मिर्च की मात्रा कम कर सकते हैं।
बचे हुए पिंडी छोले को कैसे स्टोर करें?
बचे हुए पिंडी छोले को पूरी तरह ठंडा होने दें और फिर एक एयरटाइट कंटेनर में डालकर फ्रिज में रखें। इसे 3-4 दिनों तक स्टोर किया जा सकता है। दोबारा गरम करते समय, थोड़ा पानी डालें ताकि नमी बनी रहे और इसे स्टोव या माइक्रोवेव में गरम करें।
पिंडी छोले के साथ कौन-कौन से व्यंजन परोसे जा सकते हैं?
पिंडी छोले को भटूरे, नान या कुलचे जैसे विभिन्न भारतीय ब्रेड के साथ परोसा जा सकता है। इसे चावल या दही के साथ भी परोसा जा सकता है ताकि मसालों का संतुलन बना रहे। एक संपूर्ण भोजन के लिए, सलाद या रायता जोड़ने पर विचार करें।
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