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मसाला बाटी एक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन है जो देहाती स्वाद और भरपेट भोजन की यादें ताजा कर देता है। सुगंधित भरावन और कुरकुरी बाहरी परत वाली यह बाटी इंद्रियों के लिए एक आनंद है। यह रेसिपी खास मौकों या जब आप प्रामाणिक राजस्थानी व्यंजन का आनंद लेना चाहें, तब के लिए परफेक्ट है। पारंपरिक पकाने के तरीकों से आने वाला धुआंदार स्वाद इसमें एक अतिरिक्त परत जोड़ता है।
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा, सूजी, नमक और अजवाइन मिलाएं।
घी डालें और तब तक मिलाएं जब तक मिश्रण मोटे चूरे जैसा न हो जाए।
थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर सख्त आटा गूंध लें।
आटे को ढककर 20 से 30 मिनट तक रख दें।
एक पैन में तेल या घी गरम करें।
जीरा और सौंफ डालें, फिर हरी मिर्च और प्याज (यदि उपयोग कर रहे हों) डालें। एक मिनट तक भूनें।
भुना हुआ बेसन डालें और धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक यह सुगंधित और हल्का सुनहरा न हो जाए।
धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला, अमचूर, कसूरी मेथी और नमक डालें। अच्छी तरह मिलाएं और एक मिनट तक पकाएं।
गैस बंद कर दें और बारीक कटा हरा धनिया डालें। इसे थोड़ा ठंडा होने दें।
यदि मिश्रण बहुत सूखा लगे, तो थोड़ा पानी छिड़ककर इसे बांध लें।
ओवन को 180 डिग्री सेल्सियस पर प्रीहीट करें।
आटे को बराबर हिस्सों में बांटकर गोले बनाएं।
हर गोले को चपटा करें, बीच में भरावन रखें और अच्छे से बंद करें।
इन्हें फिर से गोल आकार में बनाएं और सभी बाटियों को बेकिंग ट्रे पर रखें।
180 डिग्री सेल्सियस पर 25 से 35 मिनट तक बेक करें या जब तक यह सुनहरी भूरी न हो जाए। बीच में एक बार पलटें।
बेक करने के बाद बाटियों पर घी ब्रश करें।
बाटियों को पारंपरिक बाटी ओवन में या गरम कोयले या उपलों पर पकाएं ताकि धुआंदार स्वाद आए।
आटा सख्त रखें ताकि बेकिंग के दौरान बाटियां फटें नहीं।
धुआंदार स्वाद के लिए पारंपरिक तरीके से कोयले या उपलों पर पकाने की कोशिश करें।
भरावन में मसालों का स्तर अपनी पसंद के अनुसार समायोजित करें।
बेकिंग के तुरंत बाद बाटियों पर घी लगाएं ताकि स्वाद और चमक बढ़े।
बाटियों को दाल और चूरमा के साथ परोसें ताकि एक संपूर्ण राजस्थानी भोजन का आनंद लिया जा सके।
क्या मैं भरावन में प्याज छोड़ सकता/सकती हूं?
हां, प्याज वैकल्पिक है और इसे छोड़ा जा सकता है, इससे स्वाद पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बाटी पकाने का पारंपरिक तरीका क्या है?
पारंपरिक रूप से, बाटियों को गरम कोयले या उपलों पर पकाया जाता है ताकि धुआंदार स्वाद आए।
क्या मैं घी की जगह तेल का उपयोग कर सकता/सकती हूं?
हां, आप तेल का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन घी इस व्यंजन के प्रामाणिक स्वाद को बढ़ाता है।
बाटियां फटने से कैसे बचाऊं?
आटा सख्त रखें और भरावन के बाद बाटियों को अच्छे से बंद करें ताकि वे फटें नहीं।
मसाला बाटी के साथ क्या परोस सकते हैं?
मसाला बाटी को दाल और चूरमा के साथ परोसें ताकि एक संपूर्ण राजस्थानी भोजन का आनंद लिया जा सके।
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