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सर्दियों की सुबहें मूली पराठे की गर्माहट के बिना अधूरी लगती हैं। यह रेसिपी मसालों और कद्दूकस की हुई मूली का एक परफेक्ट मिश्रण है, जिसे गेहूं के आटे में लपेटकर देसी घी में पकाया जाता है। यह न केवल आपके स्वाद को संतुष्ट करता है बल्कि इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन में मदद करने और शरीर को डिटॉक्स करने जैसे कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है। सर्दियों का एक सच्चा आनंद!
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मूली को कद्दूकस करें और अतिरिक्त पानी निचोड़ लें ताकि पराठे गीले न हों।
कद्दूकस की हुई मूली में गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, पराठा मसाला, नमक, हल्दी और कटा हुआ धनिया मिलाएं। इसे अलग रख दें।
एक बर्तन में गेहूं का आटा और देसी घी मिलाएं और आवश्यकता अनुसार पानी डालकर नरम आटा गूंध लें।
आटे को बराबर हिस्सों में बांटें और छोटे गोल आकार में बेल लें।
गोल आकार के बीच में मूली का भरावन रखें और किनारों को मोड़कर बंद कर दें।
भरवां आटे को हल्के हाथों से बेलकर पराठा बनाएं।
गर्म तवे पर पराठा पकाएं, दोनों तरफ देसी घी लगाकर सुनहरा भूरा होने तक।
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मूली को अच्छे से निचोड़ें ताकि पराठे गीले न हों।
ताजे धनिया पत्ते इस्तेमाल करें ताकि स्वाद बढ़े।
मध्यम आंच पर पकाएं ताकि पराठे अच्छे से पकें।
मूली का पानी निचोड़ना क्यों जरूरी है?
मूली का पानी निचोड़ने से पराठे गीले नहीं होते और उनकी बनावट सही रहती है।
क्या मैं देसी घी की जगह तेल का इस्तेमाल कर सकता/सकती हूं?
हां, आप तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन देसी घी स्वाद को बढ़ाता है और पराठों को अधिक समृद्ध बनाता है।
बचे हुए पराठों को कैसे स्टोर करें?
बचे हुए पराठों को एयरटाइट कंटेनर में रखें और परोसने से पहले तवे पर गर्म करें।
क्या मैं आटा पहले से तैयार कर सकता/सकती हूं?
हां, आप आटा कुछ घंटे पहले तैयार कर सकते हैं और इसे ढककर रखें ताकि यह सूखे नहीं।
मूली पराठे के साथ क्या परोस सकते हैं?
मूली पराठा दही, अचार या गर्म चाय के साथ अच्छा लगता है।

