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प्राकृतिक किण्वित पाचन पेय (भारतीय कोम्बुचा)
काली गाजर की कंजी एक पारंपरिक उत्तर भारतीय किण्वित पेय है, जो काली गाजर, सरसों के बीज और पानी से बनाया जाता है। अपने गहरे बैंगनी रंग और खट्टे, तीखे स्वाद के लिए प्रसिद्ध, यह प्रोबायोटिक युक्त ठंडा पेय सर्दियों से वसंत के मौसम में कई भारतीय घरों में एक आम पेय है। यह न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि पाचन और आंत के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।...
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सरसों के बीज को बारीक पाउडर में पीस लें।


नमक, काला नमक, लाल मिर्च पाउडर और हींग (यदि उपयोग कर रहे हैं) डालें। समान रूप से मिलाने के लिए 2-3 बार पल्स करें। अलग रखें।


काली गाजर को धोकर छील लें और 2 इंच के टुकड़ों में काट लें।


विकल्प A (ब्लांचिंग): पानी को उबालें। गाजर के टुकड़े डालें और 2–3 मिनट के लिए ब्लांच करें। आंच बंद कर दें और मिश्रण को पूरी तरह से कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें। यह गाजर को नरम करता है और इन्फ्यूजन को तेज करता है।

विकल्प B (कच्चा/पारंपरिक): उबालने की प्रक्रिया छोड़ दें। कच्चे गाजर के टुकड़ों को सीधे अपने किण्वन जार में डालें। सुनिश्चित करें कि आप पहले से उबाले और ठंडे किए गए पानी का उपयोग करें।
ठंडी गाजर और पानी को एक स्टरलाइज्ड कांच या सिरेमिक जार (भरनी) में डालें।
तैयार मसाला मिश्रण और गुड़ डालें। एक साफ, सूखे चम्मच से अच्छी तरह मिलाएं।


जार के मुंह को ढक्कन से ढकें या उस पर सांस लेने योग्य मलमल का कपड़ा बांधें।


जार को 3-5 दिनों के लिए धूप वाली जगह पर रखें। तरल को रोजाना एक सूखे चम्मच से हिलाएं ताकि हवा अंदर जाए और सतह पर कोई परत न बने।
जब तरल गहरे बैंगनी-काले रंग का हो जाए और खट्टा/तीखा स्वाद आने लगे, तो आपकी कंजी तैयार है।

पेय के रूप में: इसे ठंडा या कमरे के तापमान पर गिलास में परोसें।

नाश्ते के रूप में: गाजर को न फेंके! इन्हें कुरकुरे, अचार वाले सलाद के रूप में साइड डिश के रूप में परोसें।
पारंपरिक ट्विस्ट: छोटे मूंग दाल वड़े (दाल के पकौड़े) को कंजी में कुछ घंटों के लिए भिगोकर क्लासिक कंजी वड़ा बनाएं।
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यदि काली गाजर का मौसम नहीं है, तो नियमित गाजर के साथ आधा चुकंदर मिलाएं ताकि बरगंडी रंग प्राप्त हो सके, हालांकि स्वाद थोड़ा हल्का होगा।
गुड़ (वैकल्पिक): हालांकि वैकल्पिक है, गुड़ जोड़ने से सरसों के बीज की तीखी गर्मी और किण्वन की खटास संतुलित होती है, जिससे पेय का स्वाद अधिक चिकना और संतुलित हो जाता है।
एक बार जब यह आपकी पसंदीदा खटास तक पहुंच जाए, तो जार को फ्रिज में रख दें। यह किण्वन को धीमा कर देता है और इसे 3 सप्ताह तक ताजा रखता है।
यदि आपके पास सीधी धूप नहीं है, तो जार को एक उज्ज्वल खिड़की पर रखें। इसमें एक-दो दिन अतिरिक्त लग सकते हैं, लेकिन यह खूबसूरती से किण्वित होगा।
मेरी कंजी का स्वाद कड़वा क्यों है?
यह आमतौर पर तब होता है जब सरसों के बीज अधिक पीस दिए जाते हैं या किण्वन अभी शुरू हुआ है। 3–4 दिनों के बाद कड़वाहट एक सुखद खटास में बदल जाती है।
क्या मैं इसे बिना कांच के जार के बना सकता हूं?
सिरेमिक या कांच का ही उपयोग करें। प्लास्टिक या धातु से बचें, क्योंकि किण्वन में बनने वाला एसिड रसायनों को लीच कर सकता है या सामग्री के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है।
क्या ऊपर की सफेद परत खतरनाक है?
ऊपर की पतली सफेद परत (कहम यीस्ट) आमतौर पर हानिरहित होती है। इसे हटा दें और रोजाना हिलाएं।
मुझे कैसे पता चलेगा कि यह तैयार है?
रंग गहरा बैंगनी होगा, और गंध तीखी और किण्वित (अचार जैसी) होगी। स्वाद खट्टा और जीभ पर थोड़ा 'बबल' जैसा महसूस होना चाहिए।
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