यह पारंपरिक बंगाली खिचड़ी दुर्गा पूजा के उत्सव के दौरान अवश्य बनती है। यह त्योहारों की यादें और भोग की दिव्य सुगंध को जीवंत कर देती है। भुनी हुई मूंग दाल, सुगंधित गोविंदभोग चावल और विशेष भुजा मसाला का संयोजन इस व्यंजन को खास बनाता है। इसे गरमागरम घी के साथ परोसें और प्रामाणिक अनुभव का आनंद लें। खिचड़ी को गरमागरम परोसें और साथ में लाबड़ा (मिक्स वेज करी), टमाटर की चटनी, पापड़ और पायेश...
सौंफ, धनिया के बीज, मेथी के बीज, तेजपत्ता और सूखी लाल मिर्च को एक पैन में भूनें जब तक खुशबू न आ जाए। भुने हुए मसालों को ठंडा करें और बारीक पाउडर बना लें। अलग रख दें।
मूंग दाल को एक पैन में भूनें जब तक यह सुनहरा और सुगंधित न हो जाए। अलग रख दें। गोविंदभोग चावल को अलग से भूनें और अलग रख दें।
एक पैन में सरसों का तेल गरम करें। उसमें जीरा और सूखी लाल मिर्च डालें और चटकने दें। अदरक और कटे हुए टमाटर डालें। अच्छी तरह मिलाएं और तब तक पकाएं जब तक टमाटर नरम न हो जाए।
नमक, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और पानी डालें। तब तक पकाएं जब तक तेल अलग न हो जाए।
जब टमाटर नरम हो जाए, तो भुनी हुई दाल और चावल डालें। मसालों के साथ अच्छी तरह से मिलाएं।
4 कप पानी डालें, एक चुटकी चीनी, करी पत्ते और भुजा मसाला डालें। ढककर पकाएं जब तक चावल और दाल पूरी तरह से पक न जाए।
जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा समायोजित करें। धनिया पत्ते डालें और मिलाएं। दुर्गा पूजा भोग की खिचड़ी तैयार है।
ऊपर से घी डालकर गरमागरम परोसें और धनिया पत्तों से सजाएं।
मूंग दाल (हल्की सूखी भुनी हुई, जब तक सुनहरी न हो जाए) का उपयोग करें – यह वह सुगंध देता है जो भोग खिचड़ी को खास बनाता है।
पारंपरिक रूप से गोविंदभोग चावल का उपयोग किया जाता है। यदि उपलब्ध न हो, तो छोटे दाने वाले सुगंधित चावल जैसे गोविंदभोग के विकल्प (जीरा सांबा, सोना मसूरी) का उपयोग करें। लंबे दाने वाले बासमती से बचें।
सब्जियों को खिचड़ी में डालने से पहले हल्का सुनहरा होने तक अलग से तलें, इससे बनावट और स्वाद बेहतर होता है।
भोग खिचड़ी थोड़ी मखमली होनी चाहिए लेकिन पानीदार नहीं – दाने हल्के टूटे हुए हों, पानीदार न हों।
प्याज और लहसुन से बचें (भोग खिचड़ी हमेशा सात्विक होती है)।
भोग की खिचड़ी के साथ क्या परोस सकते हैं?
भोग की खिचड़ी तली हुई सब्जियों, पापड़, चटनी या साधारण टमाटर की चटनी के साथ अच्छी लगती है।
क्या मैं इस व्यंजन को शाकाहारी बना सकता/सकती हूँ?
हाँ, घी का उपयोग न करें तो यह व्यंजन शाकाहारी हो जाएगा।
बची हुई खिचड़ी को कैसे स्टोर करें?
बची हुई खिचड़ी को एक एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में 2 दिनों तक स्टोर करें। गरम करते समय थोड़ा पानी डालकर स्थिरता समायोजित करें।
क्या सरसों का तेल आवश्यक है?
सरसों का तेल प्रामाणिक स्वाद जोड़ता है, लेकिन यदि उपलब्ध न हो तो आप किसी भी खाना पकाने के तेल या घी का उपयोग कर सकते हैं।
Cooking has always been my way of spreading love and warmth. Through this channel, I share recipes close to my heart—some from childhood memories, some from daily life, and some festive treats. It’s my little space to celebrate the joy of homemade food and connect with fellow food lovers.
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