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व्रत का मखाना थालीपीठ एक स्वादिष्ट और पौष्टिक व्रत की रेसिपी है। मखाना आटा, राजगिरा आटा और कद्दूकस की हुई लौकी से बना यह व्यंजन नवरात्रि व्रत के दिनों के लिए एकदम उपयुक्त है। भूनने और गूंथने की प्रक्रिया से इसका अनोखा स्वाद निखरता है, और यह दही और व्रत की पनीर भुर्जी के साथ बेहतरीन लगता है। व्रत रखने वालों या हेल्दी, ग्लूटेन-फ्री विकल्प चाहने वालों के लिए यह जरूर आजमाने वाली रेसिपी है।
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मखाने को सूखा भूनें जब तक वे कुरकुरे न हो जाएं, फिर ठंडा होने दें और बारीक पाउडर में पीस लें।
एक परात में मखाना आटा, राजगिरा आटा, धनिया पत्ते, जीरा पाउडर, हरी मिर्च, कद्दूकस की हुई लौकी और सेंधा नमक मिलाएं। गूंथने के लिए पानी की जरूरत नहीं है क्योंकि लौकी अपना पानी छोड़ती है।
मिश्रण को 5-7 मिनट तक अच्छी तरह गूंथें, और जरूरत के अनुसार घी या मूंगफली का तेल डालें ताकि नरम आटा बन सके। आटे को ढककर 10 मिनट के लिए रख दें।
बटर पेपर या प्लास्टिक कवर पर हल्का घी लगाएं। आटे का एक मध्यम आकार का गोला लें और उंगलियों और हथेली की मदद से धीरे-धीरे थपथपाकर थालीपीठ का आकार दें।
तवे को गरम करें, एक तरफ घी लगाएं और फिर दूसरी तरफ भी। दोनों तरफ मध्यम आंच पर भूनें। इससे थालीपीठ कुरकुरी बनती है।
गरमागरम थालीपीठ को दही और व्रत की पनीर भुर्जी के साथ परोसें।
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मखाने को अच्छी तरह भूनें ताकि बारीक पाउडर बन सके।
अगर आटा सूखा लगे, तो थोड़ा पानी या और कद्दूकस की हुई लौकी डालकर गूंथ लें।
थालीपीठ चिपकने से बचाने के लिए नॉन-स्टिक तवा इस्तेमाल करें।
आटा थपथपाते समय हाथों पर हल्का घी लगाएं ताकि आटा चिपके नहीं।
घी स्वाद बढ़ाता है और सुनहरी कुरकुरी परत बनाता है, जिससे यह उपवास के लिए अधिक संतोषजनक बनता है।
क्या मैं राजगिरा आटे की जगह कोई और आटा इस्तेमाल कर सकता/सकती हूं?
राजगिरा आटा व्रत की रेसिपी में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता है, लेकिन आप चाहें तो इसे कुट्टू आटा या सिंघाड़े के आटे से बदल सकते हैं।
क्या मैं कद्दूकस की हुई लौकी छोड़ सकता/सकती हूं?
कद्दूकस की हुई लौकी थालीपीठ में नमी और नरमाहट लाती है। अगर आप इसे छोड़ते हैं, तो आपको आटे की स्थिरता को समायोजित करने के लिए पानी या कोई और गीली सामग्री डालनी पड़ सकती है।
व्रत का मखाना थालीपीठ के साथ क्या परोस सकते हैं?
यह दही, व्रत की पनीर भुर्जी या एक साधारण व्रत-अनुकूल चटनी के साथ अच्छा लगता है।
क्या मैं इस रेसिपी को शाकाहारी बना सकता/सकती हूं?
हां, आप घी की जगह मूंगफली का तेल इस्तेमाल करके इस रेसिपी को शाकाहारी बना सकते हैं।
बचे हुए थालीपीठ को कैसे स्टोर करें?
बचे हुए थालीपीठ को एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में रखें। परोसने से पहले तवे पर गरम करें।
Cooking has always been my way of spreading love and warmth. Through this channel, I share recipes close to my heart—some from childhood memories, some from daily life, and some festive treats. It’s my little space to celebrate the joy of homemade food and connect with fellow food lovers.
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