
होशियारपुर की बिना आटे वाली पंजीरी। बचपन की यादें ताजा करते हुए, जब मैं अपने दोस्त के नानी के घर जाती थी, तो मुझे यह पंजीरी बहुत पसंद आई। अलग और आसान, स्वादिष्ट और कम घी वाली। हर सर्दी में इसे बनाने का मन करता है! जरूर ट्राई करें और बाद के लिए बचा कर रखें।
एक भारी तले की कढ़ाई में 2 टेबलस्पून घी गरम करें और गोंद को तलें। निकालकर अलग प्लेट में रख लें।
उसी कढ़ाई में बादाम, काजू, सोंठ पाउडर और अजवाइन को तलें।
बचा हुआ 2 टेबलस्पून घी डालें और मखानों को धीमी से मध्यम आंच पर 2-3 मिनट तक भूनें।
चार मगज डालें और कुछ सेकंड पकाएं। फिर नारियल डालें और 1 मिनट तक पकाएं।
अंत में किशमिश डालें और आधा मिनट और पकाएं।
मिश्रण को ठंडा होने दें और फिर बूरा चीनी, देसी खांड पाउडर या गुड़ पाउडर डालें। अच्छी तरह मिलाएं।
घी को अच्छी तरह गरम करें ताकि सामग्री का स्वाद बढ़े।
मीठा डालने से पहले मिश्रण को पूरी तरह ठंडा होने दें ताकि वह पिघले नहीं।
पंजीरी को एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें ताकि यह लंबे समय तक ताजा रहे।
क्या मैं अलग मीठा इस्तेमाल कर सकता/सकती हूं?
हां, आप अपनी पसंद के अनुसार बूरा चीनी, देसी खांड पाउडर या गुड़ पाउडर इस्तेमाल कर सकते/सकती हैं।
पंजीरी को कितने समय तक स्टोर कर सकते हैं?
आप पंजीरी को एयरटाइट कंटेनर में 2 हफ्तों तक स्टोर कर सकते हैं।
क्या मैं कोई ड्राई फ्रूट्स छोड़ सकता/सकती हूं?
हां, आप अपनी पसंद या उपलब्धता के अनुसार ड्राई फ्रूट्स को समायोजित कर सकते/सकती हैं।
क्या यह पंजीरी ग्लूटेन-फ्री है?
हां, यह पंजीरी ग्लूटेन-फ्री है क्योंकि इसमें कोई आटा नहीं है।
पंजीरी खाने का सबसे अच्छा समय क्या है?
पंजीरी सर्दियों में खाना सबसे अच्छा होता है क्योंकि यह गर्माहट और ऊर्जा प्रदान करती है।
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