एक पारंपरिक भारतीय व्यंजन जो कोमल काजू (मंगलौर, दक्षिण भारत की विशेषता), मसाले और नारियल के साथ बनाया जाता है। इसे अक्सर शादियों और विशेष अवसरों पर परोसा जाता है।
काजू को रातभर भिगो दें। पकाने से पहले पानी छान लें और अलग रख दें।
एक गहरे पैन में 1 टेबलस्पून नारियल तेल गरम करें और उसमें राई डालें। जब राई चटकने लगे, तो आँच मध्यम कर दें।
करी पत्ते डालें, फिर प्याज डालें। सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर, हल्दी, मटर और काजू डालें। एक मिनट तक या पानी सूखने तक भूनें।
स्वादानुसार नमक डालें। कद्दूकस किया हुआ नारियल डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
गरमागरम चावल या रोटियों के साथ परोसें।
आप मटर को हटा सकते हैं और काजू की मात्रा बढ़ा सकते हैं ताकि डिश और समृद्ध हो।
अगर करी पत्ते उपलब्ध नहीं हैं, तो पकाने के बाद थोड़ा कटा हुआ धनिया डालें।
क्या मैं कोमल काजू की जगह ताजे काजू का उपयोग कर सकता हूँ?
हाँ, अगर कोमल काजू उपलब्ध नहीं हैं तो आप सामान्य काजू का उपयोग कर सकते हैं। सामान्य काजू को रातभर पानी में भिगो दें ताकि कोमल काजू जैसा टेक्सचर मिले।
कुंदापुर काजू बीज के साथ क्या परोस सकते हैं?
यह व्यंजन चावल या रोटियों के साथ सबसे अच्छा लगता है।
क्या मैं इस डिश को नारियल के बिना बना सकता हूँ?
नारियल एक अलग स्वाद जोड़ता है, लेकिन आवश्यकता होने पर आप इसे हटा सकते हैं।
क्या काजू को रातभर भिगोना आवश्यक है?
हाँ, काजू को भिगोना बहुत जरूरी है ताकि कोमल काजू के साथ बनाए गए मूल व्यंजन का टेक्सचर मिले।
करी पत्तों का विकल्प क्या हो सकता है?
अगर करी पत्ते उपलब्ध नहीं हैं, तो कटा हुआ धनिया एक विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
I am an Applied Psychologist with a passion for cooking and helping people change their lives through Food Therapy (Nutrition and Cooking Classes)
