मूली टमाटर की चटनी एक ताज़ा, स्वादिष्ट भारतीय चटनी है जो कच्ची मूली, भुने हुए टमाटर, लहसुन और रोज़मर्रा के मसालों से बनाई जाती है। मूली फाइबर से भरपूर होती है, पाचन सुधारने में मदद करती है और आंतों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। यह डिटॉक्सिफिकेशन में मदद करती है और इम्यूनिटी को बढ़ाती है। टमाटर प्राकृतिक खट्टापन और एंटीऑक्सीडेंट्स जोड़ते हैं, जबकि सरसों का तेल और लहसुन गर्माहट और मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने का...
एक पैन में सरसों का तेल गरम करें जब तक वह हल्का धुआं छोड़ने न लगे।
आधे कटे हुए टमाटर (कटी हुई साइड नीचे) और लहसुन की कलियां डालें। ढककर मध्यम आंच पर 4–5 मिनट तक भूनें जब तक हल्का चार हो जाए।


गैस बंद करें और टमाटर और लहसुन को पूरी तरह ठंडा होने दें। टमाटर की त्वचा छीलकर हटा दें।

मिक्सर जार में कटी हुई मूली, प्याज़, पुदीने के पत्ते, हरी मिर्च, भुने हुए टमाटर, लहसुन और पैन में बचा हुआ तेल डालें।

पल्स मोड का उपयोग करके दरदरा और हल्का मोटा टेक्सचर पाने के लिए पीसें।

चटनी को एक बाउल में निकालें और उसमें नमक, काला नमक, कश्मीरी मिर्च पाउडर, भुना जीरा पाउडर, चाट मसाला और नींबू का रस डालें।

अच्छी तरह मिलाएं और ज़रूरत के अनुसार मसाले समायोजित करें।

ताज़ा पराठा, रोटी, दाल-चावल या किसी भी खाने के साथ मसालेदार साइड डिश के रूप में परोसें।
भुनी हुई सामग्री को पीसने से पहले पूरी तरह ठंडा करें ताकि स्वाद बेहतर हो।
चटनी का टेक्सचर हल्का दरदरा रखें ताकि देसी स्वाद आए।
सरसों का तेल असली स्वाद जोड़ता है– अगर हल्का स्वाद पसंद हो तो कम मात्रा में उपयोग करें।
अधिकतम पोषण और स्वाद के लिए इसे ताज़ा खाएं।
क्या हम चटनी में कच्ची मूली खा सकते हैं?
हाँ, कच्ची मूली खाना सुरक्षित है और इसे ताज़ा उपयोग करने पर यह पाचन के लिए अच्छी होती है।
यह चटनी कितने समय तक ताज़ा रहती है?
इसे ताज़ा खाना सबसे अच्छा है, लेकिन इसे 1 दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है।
क्या मैं सरसों का तेल छोड़ सकता हूँ?
हाँ, लेकिन सरसों का तेल पारंपरिक स्वाद जोड़ता है। आप ज़रूरत पड़ने पर न्यूट्रल तेल का उपयोग कर सकते हैं।
क्या यह चटनी पाचन के लिए अच्छी है?
हाँ, मूली, पुदीना, जीरा और काला नमक पाचन को सपोर्ट करते हैं।
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