एक पारंपरिक उत्तर भारतीय मीठा नाश्ता, जो परतदार और कुरकुरी मठरी को चीनी की चाशनी में डुबोकर बनाया जाता है। यह रेसिपी त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों की यादें ताजा करती है, जब ये स्वादिष्ट मठरियां हर घर में बनाई जाती थीं। कुरकुरी परतें और मीठी चाशनी का मेल इसे खास पलों के लिए एक परफेक्ट व्यंजन बनाता है।
एक बड़े बर्तन में मैदा, सूजी, नमक और घी मिलाएं।
घी को उंगलियों से मैदे में मिलाएं जब तक मिश्रण मोटे चूरे जैसा न हो जाए।
थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त और चिकना आटा गूंथ लें।
गीले कपड़े से ढककर 20 से 30 मिनट तक रख दें।
आटे को छोटे नींबू के आकार की लोइयों में बांट लें।
आटे से 3 छोटी पूरियां (लगभग 3 से 4 इंच व्यास की) बेल लें।
पहली पूरी पर थोड़ा घी लगाएं और सूखा मैदा छिड़कें।
दूसरी पूरी को पहली के ऊपर रखें, फिर से घी और मैदा लगाएं, और तीसरी पूरी को ऊपर रखें।
परतों को हल्के से बेलकर सील और चपटा कर लें।
इन्हें कसकर बेलते हुए सिलिंडर के आकार का रोल बना लें।
रोल को 1 इंच मोटे टुकड़ों में काट लें।
हर टुकड़े को हल्के से बेलन से चपटा करें।
हर मठरी को कांटे से छेदें ताकि तलते समय फूल न जाए।
एक गहरे पैन में मध्यम-धीमी आंच पर घी या तेल गरम करें।
कुछ मठरियों को एक बार में सुनहरा भूरा और दोनों तरफ से कुरकुरा होने तक तलें।
निकालकर पेपर टॉवल पर रखें। हल्का ठंडा होने दें।
एक पैन में चीनी और पानी मिलाएं। चीनी घुलने तक गरम करें।
इलायची, केसर और नींबू का रस डालें।
एक तार की चाशनी बनने तक उबालें।
गैस बंद कर दें लेकिन चाशनी को गरम रखें।
हर तली हुई मठरी को गरम चाशनी में 30 से 40 सेकंड तक डुबोएं।
निकालकर घी लगी प्लेट या बटर पेपर पर रखें।
ठंडा होने दें जब तक चीनी की परत जम न जाए।
आटा सख्त और चिकना होना चाहिए ताकि मठरी परतदार बने।
मठरी को कांटे से छेदने से तलते समय फूलने से बचती हैं।
मध्यम-धीमी आंच पर तलें ताकि मठरी समान रूप से पकें और कुरकुरी बनें।
मठरी को चाशनी में डुबोते समय चाशनी गरम रखें ताकि वह अच्छी तरह चिपक सके।
चाशनी में नींबू का रस डालने से वह क्रिस्टल नहीं बनती और चिकनी रहती है।
क्या मैं मैदे की जगह गेहूं का आटा इस्तेमाल कर सकता/सकती हूं?
हां, आप गेहूं का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन मठरी का टेक्सचर थोड़ा भारी हो सकता है।
मैं कैसे जानूं कि चाशनी एक तार की बन गई है?
एक चम्मच को चाशनी में डुबोएं और उंगलियों के बीच खींचें। अगर एक धागा बने तो चाशनी तैयार है।
क्या मैं इन मठरियों को स्टोर कर सकता/सकती हूं?
हां, इन्हें एयरटाइट कंटेनर में एक हफ्ते तक स्टोर कर सकते हैं। सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह ठंडी हो चुकी हों।
क्या मैं चाशनी में केसर और इलायची छोड़ सकता/सकती हूं?
हां, ये वैकल्पिक हैं और अगर आप साधारण स्वाद पसंद करते हैं तो इन्हें छोड़ सकते हैं।
आटे में घी डालने का क्या उद्देश्य है?
घी मठरी को समृद्धि और परतदार टेक्सचर देने में मदद करता है।
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