चना दाल, मसाले और तले हुए सब्जियों से बनी एक स्वादिष्ट और पौष्टिक डिश, जो आरामदायक भोजन के लिए परफेक्ट है।
चना दाल को 10-15 मिनट के लिए भिगो दें।
प्रेशर कुकर में भीगी हुई दाल, पानी, नमक, हल्दी पाउडर और सरसों का तेल डालें।
5-8 सीटी तक पकाएं।
कढ़ाई में सरसों का तेल डालें और गरम करें।
जीरा और सूखी लाल मिर्च डालें।
कटा हुआ प्याज डालें और 5 मिनट तक भूनें।
कटा हुआ अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालें और 5 मिनट और भूनें।
कटा हुआ टमाटर डालें और 8-10 मिनट तक पकाएं।
नमक, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर और (वैकल्पिक) कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर डालें।
इस मिश्रण को 5-8 मिनट तक पकाएं।
पकी हुई दाल को मसाले में डालें और 5 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें।
कटा हुआ धनिया डालें और 2-5 मिनट और पकाएं।
गर्मागर्म परोसें।
मसाले का स्तर अपनी पसंद के अनुसार हरी मिर्च कम या ज्यादा डालकर समायोजित करें।
अधिक स्वादिष्टता के लिए सरसों के तेल की जगह घी का उपयोग कर सकते हैं।
इसे चावल या रोटी के साथ परोसें ताकि यह एक संपूर्ण भोजन बने।
प्रेशर कुकर में चना दाल को सबसे अच्छे तरीके से कैसे पकाएं?
चना दाल को 10-15 मिनट के लिए भिगो दें ताकि वह नरम हो जाए। फिर भीगी हुई दाल, 2.5 कप पानी, नमक, हल्दी पाउडर और सरसों का तेल कुकर में डालें। 5-8 सीटी तक पकाएं ताकि दाल पूरी तरह से नरम हो जाए।
चना दाल फ्राई में सरसों के तेल के लिए कुछ स्वास्थ्यवर्धक विकल्प क्या हैं?
अगर आप सरसों के तेल का स्वास्थ्यवर्धक विकल्प ढूंढ रहे हैं, तो आप जैतून का तेल या नारियल का तेल उपयोग कर सकते हैं। ये दोनों विकल्प अलग स्वाद देंगे और डिश को पौष्टिक बनाए रखेंगे।
क्या मैं बची हुई चना दाल फ्राई को स्टोर कर सकता/सकती हूं, और यह कितने समय तक टिकती है?
हां, आप बची हुई चना दाल फ्राई को एक एयरटाइट कंटेनर में फ्रिज में 3-4 दिनों तक स्टोर कर सकते हैं। इसे फिर से गरम करने के लिए, स्टोव या माइक्रोवेव पर गरम करें और जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालें ताकि नमी बनी रहे।
चना दाल फ्राई के साथ क्या परोसें ताकि यह एक संपूर्ण भोजन बने?
चना दाल फ्राई को स्टीम्ड बासमती चावल, रोटी या नान के साथ परोसें। आप इसे खीरे के सलाद या अचार के साथ भी परोस सकते हैं ताकि भोजन का स्वाद और बढ़ जाए।
क्या चना दाल फ्राई वीगन डाइट के लिए उपयुक्त है?
हां, चना दाल फ्राई वीगन डाइट के लिए उपयुक्त है क्योंकि इसमें कोई भी पशु उत्पाद नहीं होता। बस यह सुनिश्चित करें कि उपयोग किया गया तेल पौधों पर आधारित हो, जैसे सरसों का तेल या जैतून का तेल, ताकि यह पूरी तरह से वीगन रहे।
