कद्दूकस किए हुए शकरकंद और सिंघाड़े के आटे से बनी स्वादिष्ट और सेहतमंद टिक्की, जो व्रत के दिनों के लिए एकदम सही है।
एक मिक्सिंग बाउल में कद्दूकस किया हुआ शकरकंद और सिंघाड़े का आटा मिलाएं।
मिश्रण में गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएं। गुड़ की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार समायोजित करें।
अगर मिश्रण बहुत सूखा लगे, तो आवश्यकतानुसार दूध डालें ताकि सही स्थिरता प्राप्त हो सके।
मध्यम आंच पर एक पैन में घी गरम करें।
मिश्रण को छोटे टिक्की के आकार में बनाएं और पैन में रखें।
दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक पकाएं।
ज्यादा कुरकुरी टिक्की के लिए सुनिश्चित करें कि टिक्की बहुत मोटी न हो।
इन टिक्कियों को दही या चटनी के साथ परोस सकते हैं ताकि स्वाद और बढ़ जाए।
फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की व्रत के लिए कैसे बनाएं?
फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की बनाने के लिए, 0.5 कप कद्दूकस किया हुआ शकरकंद और 0.5 कप सिंघाड़े का आटा एक मिक्सिंग बाउल में मिलाएं। इसमें 0.5 कप गुड़ डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अगर मिश्रण सूखा लगे, तो 2 चम्मच दूध डालकर सही स्थिरता प्राप्त करें। मध्यम आंच पर 2 चम्मच घी गरम करें, मिश्रण को छोटे टिक्की के आकार में बनाएं और दोनों तरफ से सुनहरा भूरा होने तक पकाएं।
क्या टिक्की रेसिपी में सिंघाड़े के आटे की जगह कोई और आटा इस्तेमाल कर सकते हैं?
हां, अगर आपके पास सिंघाड़े का आटा नहीं है, तो आप इसे बेसन (चने का आटा) या मैश किए हुए आलू से बदल सकते हैं। हालांकि, इससे स्वाद और स्थिरता में थोड़ा अंतर आ सकता है।
बची हुई फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की को कैसे स्टोर करें?
बची हुई टिक्कियों को पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर उन्हें एक एयरटाइट कंटेनर में रखें। इन्हें फ्रिज में 3 दिनों तक रखा जा सकता है। लंबे समय तक स्टोर करने के लिए, इन्हें एक महीने तक फ्रीज किया जा सकता है। परोसने से पहले पैन या माइक्रोवेव में गरम करें।
फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की के साथ क्या परोस सकते हैं?
फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की को दही, पुदीने की चटनी, या खट्टी-मीठी इमली की चटनी के साथ परोस सकते हैं। ये टिक्कियां अकेले भी एक बेहतरीन नाश्ता बनाती हैं!
क्या फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की ग्लूटेन-फ्री डाइट के लिए उपयुक्त है?
हां, फलाहारी शकरकंद और सिंघाड़े के आटे की टिक्की ग्लूटेन-फ्री डाइट के लिए उपयुक्त है क्योंकि यह सिंघाड़े के आटे से बनाई जाती है, जो स्वाभाविक रूप से ग्लूटेन-फ्री होता है। बस यह सुनिश्चित करें कि उपयोग की गई अन्य सभी सामग्री भी ग्लूटेन-फ्री हो।
Kitchen/cooking 🥘Authentic Recipe 🍱Everyday Lunch Thali ideas 👌Easy | Quick | Food Hack | Healthy Recipe
